महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) बी.एड. इकाई द्वारा 1 से 7 जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुबारक करीम हाशमी द्वारा सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के स्वागत से हुआ।
इस अवसर पर डॉ. अर्पित सुमन, कार्यक्रम पदाधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (बी.एड. इकाई) ने 1 से 7 जुलाई तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण, पर्यावरण जागरूकता अभियान तथा प्रकृति संरक्षण से संबंधित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिन के अवसर पर अपनी आयु के अनुसार पौधे लगाने का संकल्प लेना चाहिए तथा उनके संरक्षण का दायित्व भी निभाना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का निर्माण होगा।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। वृक्षों के संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन और सतत विकास संभव है।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं के लिए “पौधा पहचानो प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न पौधों के चित्र दिखाकर उनकी पहचान कराई गई। प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साह एवं रुचि के साथ भाग लिया। इसी प्रकार प्राध्यापकों के लिए भी पौधा पहचानो प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधे भेंट किए गए।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजीव लोचन नमता ने किया।
इस अवसर पर विकास मिश्रा, डॉ. सुचिता बाड़ा, डॉ. पुष्पा कुमारी, धनंजय कुमार, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा, उमा शंकर सहित बी.एड. सेमेस्टर–1 की छात्राएँ उपस्थित रहीं।



