Mahila College

प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत महिला कॉलेज में रक्तदान शिविर आयोजित, 44 लोगों ने किया रक्तदान

चाईबासा, 1 अक्टूबर 2026:
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत महिला कॉलेज, चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा सदर अस्पताल, चाईबासा के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना था।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो, सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. सुजाता महतो, विकास मिश्रा, NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं मेडिकल टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. सुजाता महतो ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान एक मानवीय एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा रक्तदान के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।

प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि रक्तदान केवल किसी व्यक्ति की जान बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का परिचायक है। उन्होंने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए NSS टीम, मेडिकल टीम, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के प्रयासों की सराहना की।

NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने कहा कि महिला कॉलेज में रक्तदान शिविर आयोजित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन NSS टीम ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ इसे सफल बनाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर से पूर्व छात्राओं के स्वास्थ्य की स्थिति जानने के उद्देश्य से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया था, ताकि रक्तदान के लिए उनकी स्वास्थ्य संबंधी उपयुक्तता का आकलन किया जा सके।

इसके बाद रक्तदान की प्रक्रिया शुरू हुई। शिविर में कुल 96 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 44 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। स्वास्थ्य संबंधी मानकों के आधार पर कुछ प्रतिभागियों को रक्तदान के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। इनमें लगभग 60 प्रतिशत प्रतिभागियों में कम वजन, लगभग 10 प्रतिशत में एनीमिया तथा अन्य में विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी कारण सामने आए।

पहली बार रक्तदान करने वाली छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, लेकिन रक्तदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें संतोष और खुशी का अनुभव हुआ। उन्होंने अन्य युवाओं को भी स्वास्थ्य की उपयुक्तता होने पर रक्तदान के लिए आगे आने का संदेश दिया।

शिविर का निरीक्षण उप विकास आयुक्त (DDC) उत्कर्ष कुमार एवं प्रशिक्षु उप समाहर्ता ईरा जोरवाल ने किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों एवं आयोजन टीम का उत्साहवर्धन किया तथा युवाओं की सहभागिता की सराहना की।

रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों को टी-शर्ट, कॉफी मग एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। छात्राओं के साथ महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. राजीव लोचन नमता, डॉ. ओनिमा मानकी एवं सितेंद्र रंजन सिंह ने भी रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनीषा बिरुवा, मोबारक करीम हाशमी, डॉ. बबिता कुमारी, शीला समद, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. प्रीति देवगम एवं मदन मोहन मिश्रा सहित अन्य प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मेडिकल टीम में श्वेता सुमन, मिनी कुमारी, नीलमणि कोन गाड़ी, पुष्पा देवगम, मेरी मगदली, सुजाता पूर्ति, ऊषा कुमारी, अनुकंपा, सरिता सिंकू, भगवान सुंडी, प्रेमलता पूर्ति, दीपक कुमार महतो, रेशमा प्रधान, शंकेश्वरी महतो, रजनी देवगम एवं आनंदित होरो उपस्थित रहे।

शिविर के आयोजन में माई भारत के युवा अधिकारी श्री अभिषेक एवं उनकी टीम का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अर्पित सुमन ने रक्तदाताओं, छात्राओं, प्राध्यापकों, मेडिकल टीम, माई भारत टीम तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिविर के माध्यम से महाविद्यालय परिवार एवं छात्राओं को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया गया कि एक व्यक्ति का रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

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